पाठ्यचर्या अध्ययन एवं विकास विभाग (डीसीएसडी)

पाठ्यचर्या अध्ययन एवं विकास विभाग (डीसीएस एंड डी) की स्थापना दि.13 दिसंबर, 2021 से प्रभावी रूप से की गई है। पाठ्यचर्या अध्ययन विभाग (डीसीएस) और पाठ्यचर्या समूह (सीजी) के विलय द्वारा इस विभाग को गठित किया गया है, ताकि विद्यालयी पाठ्यचर्या से संबंधित विभिन्न शोध और विकासात्मक पहलुओं तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीतियों के दृष्टिकोण के अनुरूप राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCFs) की पूर्वतैयारी का कार्य किया जा सके। विभाग की प्रमुख भूमिकाएं और कार्य निम्नलिखित हैं:

Roles and Functions

  • पाठ्यचर्या विकास की प्रक्रियाओं से संबंधित नीतियों के निर्माण एवं उनके क्रियान्वयन में सहभागिता करना।
  • पाठ्यचर्या संबंधी कार्यप्रणाली एवं पाठ्य सामग्री सहित पाठ्यपुस्तकों पर आधारित आंकड़ा-संग्रह तैयार करना।
  • पाठ्यचर्या अनुसंधान एवं विकास में सहयोग प्रदान करने हेतु दिशानिर्देश विकसित करना।
  • राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की उन एजेंसियों की क्षमता का निर्माण करना जो विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में पाठ्यचर्या अनुसंधान एवं विकास से जुड़ी हुई हैं।
  • पाठ्यचर्या संबंधी विषयों पर हितधारकों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने हेतु विभिन्न दस्तावेजों का विकास और प्रसार करना।
  • राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा एवं संबंधित दस्तावेजों के विकास की प्रक्रिया का समन्वयन करना।
  • पाठ्यचर्या को संदर्भानुकूल बनाने में शिक्षकों एवं प्रशिक्षकों की क्षमता का निर्माण करना।
  • पाठ्यचर्या अनुसंधान एवं विकास से संबंधित पाठ्यक्रमों का निर्माण करना।
  • पाठ्यचर्या अनुसंधान का संचालन करना, ताकि पाठ्यचर्या के परस्पर संबंधित ज्ञान के आधार और पाठ्यचर्या विकास की प्रक्रिया में प्रयुक्त तंत्रों का अध्ययन किया जा सके।
  • पाठ्यचर्या विकास की प्रक्रिया में रणनीतियों के विकास हेतु बौद्धिक जिज्ञासा की संस्कृति का निर्माण करना।
  • पाठ्यचर्या के विभिन्न चरणों के विकास एवं उसके क्रियान्वयन में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना|
  • पाठ्यचर्या से संबंधित मूल्यांकन अध्ययन का संचालन करना।
  • पाठ्यचर्या के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न शैक्षणिक/परीक्षा निकायों के बीच समन्वय को सुदृढ़ बनाना।