रमा ने देखा बाबा गुल्‍ली को धीरे-धीरे खींच रहे थे।
उन्‍होंने गुल्‍ली का मुँह पीलू के थनों पर लगा दिया।
गुल्‍ली दूध पीने लगी।
पीलू चुपचाप खड़ी हुई थी।