तभी माधव की नज़र दूसरी तरफ़ की मिठाइयों पर पड़ी।
वहाँ रसगुल्‍ले, जलेबी और पेड़े रखे हुए थे।
माधव सोचने लगा कि मिमी के लिए क्‍या ले।
एक दोना जलेबी कैसी रहेगी ?