कभी-कभी चुन्‍नी और मुन्‍नी गायब हो जाती थीं।
काजल उन्‍हें पूरे दिन ढूँढ़ती रहती थी।
माधव भी उन्‍हें ढूँढ़ नहीं पाता था।
चुन्‍नी-मुन्‍नी कहीं कोने में घुस जाती थ़ीं।