उन दोनों के पास खूब सारी
ऊन और सलाइयाँ
थीं।
नानी ने अपने घुटनों पर नीली
ऊन की लच्छी
चढ़ाई।
मौसी ने अपने घुटनों पर पीली ऊन की लच्छी चढ़ाई।
3