विभाग

महिला अध्ययन विभाग नीति, योजना, पाठ्यचर्या के कार्यान्व्यन और अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में अनेक अंत:क्षेपी उपायों के जरिए बालिकाओं की शिक्षा और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। महिला अध्यायन विभाग (डीडब्यूकएस) एनसीईआरटी के अधिदेशानुसार अपने क्रियाकलापों के बारे में योजना बनाता है और उसे कार्यान्वित करता है। इसके अलावा यह विभाग बालिकाओं की शिक्षा से संबंधित योजनाओं पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित करते हुए, तत्संकबंधी नीतियाँ और कार्यक्रम संपन्न करने में केद्र और राज्यों को सलाह और सहायता भी देता है। विभाग ने अनुसंधान, विकास, प्रशिक्षण और विस्ताकरण संबंधी क्रियाकलापों के आधार पर, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 (1992 में हुए संशोधन सहित) और इससे संबंधित कार्रवाई कार्यक्रम के निर्माण और कार्यान्वयन में क्रांतिक भूमिका अदा की। यह विभाग जो पूर्व में 1979 से महिला अध्ययन एकक के रूप में कार्यरत था उसे 1989 में महिला अध्ययन एवं सामाजिक विज्ञान के सैद्धांतिक निरूपणों, विधियों, उपकरणों तथा तकनीकों के माध्यवम से बालिकाओं की शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की समस्या्ओं और मुद्दों को नवीन ढंग से देखने के लिए पूर्ण विकसित विभाग बना दिया गया।

कार्यकलाप :

भूमिकाएँ

  • संवैधानिक प्रावधानों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनपीई) 1986, कार्रवाई कार्यक्रम (पीओए) 1992, सीईडीएडब्यू और बाल अधिकार (1990) की रूपरेखा के भीतर बालिकाओं की शिक्षा और विकास को प्रोत्साहन।
  • बालिका शिक्षा तथा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अनुसंधान, विकास, प्रशिक्षण और विस्तानरण कार्यकलापों का प्रारंभ एवं प्रसार।
  • बालिका शिक्षा तथा महिला सशक्तिकरण के प्रसार हेतु महिला अध्ययन एवं अन्य सामाजिक विज्ञान की संकल्पलनाओं और विधियों का विकास एवं उनको लागू करना।
  • लिंग भेद तथा लिंग असमानता को हटाने के लिए नीति नियोजन, पाठ्यचर्या और अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में उपयुक्त अंत:क्षेप।
  • देश में बालिका शिक्षा एवं विकास के लिए नवाचार एवं कार्यक्रमों के प्रसार में उत्प्रेरक का कार्य।
  • बालिका शिक्षा एवं महिला सशक्तिकरण पर राष्ट्रीय संसाधन केंद्र का कार्य।
  • बालिका शिक्षा, क्षमता निर्माण तथा सशक्तिकरण के क्षेत्र में केंद्र, राज्यों, स्वरयंसेवी संस्थाओं और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों को परामर्श सेवाएँ एवं सहायता प्रदान करना।

 

प्रकार्य

 

  • कार्य हेतु जागरूकता लाना : बालिकाओं तथा महिलाओं की समानता हेतु शिक्षा में शिक्षक प्रशिक्षकों, शैक्षिक नियोजकों और प्रशासकों सहित मुख्य शैक्षिक कार्मिकों को संवेदनशील तथा अभिमुखी बनाना।


  • पाठ्यचर्या और शैक्षिक कार्यक्रमों का पुन: अभिकल्पान : लिंग समानता के प्रोत्साकहन और पाठ्यचर्या को लिंग समावेशी बनाने हेतु पाठ्यपुस्तयकों से लिंग भेद का उन्मूलन, दिशा-निर्देशों का विकास, अध्या्पकों, पाठ्यचर्या निर्माताओं तथा शैक्षिक नियोजकों के लिए पुस्तिकाएँ एवं अनुकरणीय सामग्री।


  • पाठ्यचर्या निर्माताओं, पाठ्यपुस्तक लेखकों और शैक्षिक नियोजकों का अभिमुखीकरण : लिंगों में समानता, पाठ्यपुस्तवकों और विद्यालय पाठ्यचर्या में शांति और सामंजस्य के अनुसार पहचान किए गए मूल्यों के समावेश हेतु संवेदनशील एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम।


  • बालिकाओं में सकारात्मेक स्वछवि का अंतर्निवेशन: परस्पार क्रियात्मआक प्रक्रिया के प्रयोग तथा संबंधित क्षेत्र में विशेषज्ञों के निकट सहयोग में कार्य के साथ मीडिया समर्थित विद्यालय आधारित कार्यक्रम।


  • अनुसंधान एवं नवाचारी कार्य परियोजनाओं का प्रसार : नवाचारी परियोजनाओं तथा अनुसंधान विकास उद्धरणों को तैयार करना। बालिका शिक्षा एवं महिला विकास के क्षेत्र में नवाचारों तथा कार्य अनुसंधानों का प्रचार-प्रसार।


  • अध्यापक शिक्षा में योगदान : अध्यापक शिक्षा पाठ्यचर्या, शिक्षक प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, अध्यापकों की सेवापूर्व एवं सेवाकालीन शिक्षा में योगदान हेतु अंत:क्षेपी कार्यनीतियों का निरूपण।


  • आंकड़ा बैंक : जिला, राज्या, राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीकय स्तयरों पर शिक्षा एवं संबंधित सूचकों पर लिंग आंकड़ों को एकत्र करना, मिलाना, संकलन तथा विश्लेटषण करना। महिला अध्ययन तथा बालिका शिक्षा के क्षेत्र में प्रयुक्त शब्दांवली तैयार करना।


  • नेटवर्किंग: बालिका शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत एनसीईआरटी की संघटक इकाइयों, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, योजना आयोग, महिला एवं बाल विकास विभाग, न्यू‍पा, महिला अध्यरयन केन्द्रि, महिला विश्विविद्यालय, शिक्षा संकाय, राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्री य एवं स्वसयं सेवी एजेंसियों के साथ निकट सहयोग में कार्य करना।


  • महिलाओं और समुदाय में गतिशीलता : बालिकाओं के नामांकन, धारण और शैक्षिक उपलब्धियों के सुधार के लिए ग्राम स्तर पर शैक्षिक नियोजन में अधिकाधिक भागीदारी के लिए महिलाओं और समुदाय में गतिशीलता।


  • मीडिया से सहक्रिया करना : विशेषकर वंचित वर्गों की बालिका शिक्षा और सकारात्माक स्वर छवि को बढ़ावा देने से संबंधित संदेशों और विषय-वस्तु्ओं का विकास।


  • पाठ्य एवं प्रोत्साचहक सामग्री का विकास : लैंगिक पूर्वाग्रहों को मिटाने के लिए विद्यालय शिक्षा के विभिन्नि स्तारों के लिए पाठ्यचर्या क्षेत्रों में पाठ्य एवं प्रोत्साहक सामग्री का विकास एवं तैयार करना।

विज़न

प्रत्येरक बालिका गुणकारी शिक्षा के अधिकार को पाने में समर्थ हो, भिन्न मोर्चों पर जीवन की चुनौतियों का सामाना करने में सक्षम हो और कार्यात्मकता के सही अर्थ में सशक्त हो, जहाँ वह जागरूक होकर विकल्पों का चुनाव कर सके और निर्भय होकर कार्रवाई कर सके।

महिला अध्ययन विभाग का अभियान

महिला अध्ययन विभाग नीतियों, पाठ्यचर्या की रूपरेखा के माध्ययम से बालिकाओं हेतु शिक्षा और गुणवत्तांपूर्ण जीवन पर महत्वापूर्ण प्रभाव डालने, शिक्षा के अवरोधों को मिटाने में अग्रणी भूमिका निभाने, पूर्ण क्षमता के धारण में बालिका हित में शिक्षा में भेदभाव के निपटान एवं सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए और संगत सिफारिशों के कार्यान्व्यन को सुसाध्यन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। महिला अध्ययन विभाग कि परिकल्पना है कि आज की जागरूक, शिक्षित और भेदभाव मुक्त बालिका भविष्य की सशक्त महिला है।