विभाग

देश में स्कूरली शिक्षा की गुणवत्तार को सुधारने के लिए अध्यावपक शिक्षा सबसे महत्वंपूर्ण निविष्टक (इनपुट) है। चूँकि विद्यालयों के लिए तैयार की गई नीतियॉं अध्यामपकों द्वारा कार्यान्वित की जाती हैं, इसलिए उनकी आवश्यिकताओं का ठीक से ध्यागन रखा जाना चाहिए। एन.सी.ई.आर.टी. सेवा-पूर्व और सेवाकालीन, दोनों प्रकार के अध्यावपक शिक्षा कार्यक्रमों के निर्माण और आयोजन का कार्य करती है। अध्या.पक शिक्षा विभाग के कार्यक्रम और क्रियाकलाप मुख्य रूप से अनुसंधान, सामग्री के विकास, अध्याकपकों और अध्याोपक प्रशिक्षकों की क्षमता का निर्माण, अध्यांपक शिक्षा की केंद्र प्रायोजित संस्था्ओं, जैसे डी.आई.ई.टी., एस.सी.ई.आर.टी., सी.टी.ई. और आई.ए.एस.ई. को अकादमिक सहायता देने, अध्या पक शिक्षा और स्कूिली शिक्षा में नवाचारों और प्रयोगों को बढ़ावा देने और विस्ता.र कार्यक्रमों को आयोजित करने पर केंद्रित होते हैं।

विभाग के मुख्य कार्य ये हैं :

  • अध्यानपक शिक्षा में नीतिगत और सलाहकारी भूमिका निभाना और अध्यावपक शिक्षा में गुणात्मेक सुधार के लिए केंद्र-प्रायोजित योजनाओं को तैयार करने, कार्यान्वित करने और उनके मूल्यां कन के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय और राज्योंा/ संघ राज्यन क्षेत्रों की सरकारों को तकनीकी सहायता देना;
  • अध्यापक शिक्षा और शिक्षण शास्त्रइ के क्षेत्र में 'चिंतन-निधि' (थिं‍क टैंक) के रूप में कार्य करना, जिसमें भिन्नऔ- भिन्न् स्तररों पर संचारित किए जा रहे सेवा-पूर्व अध्याकपक शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों की समीक्षा/नवीकरण और अध्याकपकों की सेवाकालीन शिक्षा, सतत् शिक्षा और आजीवन शिक्षा के मॉडलों/डिज़ाइनों के निर्माण शामिल हैं;
  • एस.सी.ई.आर.टी./एस.आई.ई. संस्थााओं को राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों में स्कूाली शिक्षा और अध्यावपक शिक्षा के सभी पक्षों के संदर्भ में स्वा यत्तर व्यावसायिक संस्थासओं के रूप में विकसित होने के लिए अपनाना और सहायता देना;
  • स्कूली शिक्षा और अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों और प्रयोगों को बढ़ावा देना;
  • एडुसैट की सुविधाओं और उभरती हुई सूचना तथा संचार की प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए भिन्नस-भिन्नु स्त रों पर अध्याकपकों और अध्या पक-प्रशिक्षकों/मास्टयर प्रशिक्षकों के लिए विभिन्नउ अवधियों के सेवाकालीन और सतत् शिक्षा कार्यक्रमों का आयोजन करना;
  • अध्या पक शिक्षा के भिन्नन-भिन्नन मुद्दों, जैसे सेवा-पूर्व अध्या्पक शिक्षा पाठ्यचर्या, सेवाकालीन प्रशिक्षण की डिजाइन, सेवा-पूर्व प्रशिक्षण के आधारभूत घटक, अभ्याूसार्थ शिक्षण और शिक्षण शास्त्र आदि पर नीतिगत अनुसंधान अध्य्यन, अंतर-विषयक अनुसंधान, मूल्यांइकनात्मतक और तुलनात्मिक अध्यभयन चलाना; और
  • एन.सी.एफ.-2005 और एन.सी.एफ.टी.ई.-2009 के आलोक में ऐसी सामग्री विकसित करना जिनमें अध्यापन-अधिगम, शिक्षण शास्त्रभ और अध्या.पक प्रशिक्षण की नई-नई पद्धतियों को उजागर किया गया है।