राष्ट्रीय माध्यकमिक शिक्षा अभियान प्रकोष्ठ

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (रा.मा.शि.अ.) परियोजना कोश, एनसीईआरटी में अप्रैल 26, 2012 में स्थापित किया गया। इसकी स्थापना का उद्वेश्य था- रा.मा.शि.अभियान(जो कि भारत सरकार द्वारा माध्यमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता बढाने के उद्वेश्य से लागू केन्द्र प्रायोजित योजना है ) के निम्नलिखित सभी पहलूओं के साथ माध्यमिक शिक्षा स्तर पर पाठयचर्या संबंधी मुद्दो को संबोधित करना।

6000 मॉडल स्कूल, मौजूदा उच्च प्राथमिक स्कूलों का माध्यमिक स्कूलों में उन्नयन, मौजूदा माध्यमिक स्कूलों का सबलीकरण, शिक्षकों की गुणवत्ता, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का उन्नयन, विकलांग बच्चों के लिए समावेशित शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, आदि।

भूमिका एवं कार्य:

भूमिकाएं :

  • माध्यमिक स्तर पर पाठयचर्या, शिक्षा शास्त्र, आकलन तथा शिक्षक-शिक्षा से संबंधित नीतियों को विकसित करना तथा इनमें सुधार लाने हेतु सलाह देना।
  • माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए रा.मा.शि.अ. के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करना।

कार्य :

  • गुणवत्ता और समता को एक साथ लेकर चलते हुए, देश में रा.मा.शि.अ. के कार्यान्वयन का समर्थन करने के लिए एन.सी.ई.आर.टी. के विभिन्न घटकों तथा अन्य शैक्षिक संस्थानों के सहयोग से माध्यमिक स्तर पर विभिन्न पहलूओं- पाठयक्रम विकास और प्रसार, सीखने की उपलब्धि का सर्वेक्षण, शिक्षकों का व्यावसायिक विकास, किशोरावस्था शिक्षा, मार्गदर्शन और परामर्श, व्यावसायिक शिक्षा, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग, इत्यादि का समन्वयन करना।
  • एन.सी.ई.आर.टी. के सभी इकाइयों तथा अन्य शैक्षिक संस्थानों के सहयोग से सभी राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों को पाठयचर्या, पाठयक्रम, पाठय पुस्तकों तथा मूल्यांकन के तरीकों की समीक्षा करने और इनमें सुधार लाने के लिए अकादमिक सहायता प्रदान करना। यह समीक्षा राष्ट्ीय पाठयचर्या की रूपरेखा-2005 में दिए गए राष्ट्ीय, सामाजिक तथा शिक्षा शास्त्रीय सरोकारों, जैसे समावेशित शिक्षा, शांति, पर्यावरण, इत्यादि के परिपेक्ष्य में हो।
  • गुणवत्ता के मुद्दों और रा.मा.शि. अभियान के तहत माध्यमिक शिक्षा से संबंधित चिंताओं पर विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत की शुरूआत करना तथा बढावा देना।
  • माध्यमिक स्तर पर सेवारत अध्यापक व्यावसायिक विकास कार्यक्रमों का सुदृढीकरण।
  • सभी पाठयचर्या क्षेत्रों में गुणवत्ता सुधार के लिए आईसीटी सक्षम माध्यमिक शिक्षा को बढावा देना तथा उसका सुदृढीकरण करना।
  • पाठयक्रम में सुधार, सतत और व्यापक मूल्यांकन, परीक्षा में सुधार, आदि के रूप में गुणवत्ता के पहलुओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों और शिक्षक प्रशिक्षकों सहित विभिन्न हितधारकों का क्षमता निर्माण करना।
  • माध्यमिक स्तर पर विज्ञान, गणित और भाषा की शिक्षा का सुदृढीकरण।
  • माध्यमिक स्तर पर अन्य पाठयचर्या क्षेत्रों जैसे कला और सौंदर्य, स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा तथा काम और शिक्षा का बढावा देना।
  • माध्यमिक शिक्षा में गुणवत्ता के पहलुओं पर शोध अध्ययनों को बढावा देना।
  • विभिन्न स्तरों पर विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं, एन सी ई आर टी के अन्दर एनआईई विभागों- क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों, पंडित सुन्दरलाल शर्मा व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, केन्द्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान सीआईईटी, स्कूल शिक्षा बोर्ड, माध्यमिक शिक्षक-शिक्षा संस्थानों, शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय आइ ए एस ई आदि के बीच समन्वयन और सहयोग को बढावा देना तथा इनकी प्रभावी कार्य प्रणाली के लिए पृष्ठपोषण की व्यवस्था विकसित करना।