प्रारंभिक शिक्षा विभाग

प्रारंभिक शिक्षा विभाग, भारत सरकार को प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों पर परामर्श देने हेतु एन.सी.ई.आर.टी. का एक नोडल विभाग है। सर्व शिक्षा अभियान और बच्चों को नि:शुल्का एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (आर.टी.ई) अधिनियम 2009 के कार्यान्वगयन हेतु यह राष्ट्री य स्‍तर पर एक नोडल केन्द्रव के रूप में कार्य करता है।

इस विभाग के प्रमुख क्षेत्र हैं: प्रारंभिक बाल्यातवस्था देखभाल और शिक्षा, प्रारंभिक साक्षरता कार्यक्रम और प्रारंभिक शिक्षा।

सर्व शिक्षा अभियान के सम्ब न्ध में यह विभाग विभिन्नए प्रकार के कार्यकलापों जैसे अनुसंधान, विकास, प्रशिक्षण और विस्तार में एक अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में कार्यक्रम मूल्यां कन एक उभरता हुआ क्षेत्र है और प्रारंभिक शिक्षा विभाग अनुसंधान के इस नए क्षेत्र में महत्वयपूर्ण योगदान कर रहा है।

भूमिका और प्रकार्य


विभाग की अपने प्रमुख क्षेत्रों से सं‍बंधित भूमिका और प्रकार्य इस प्रकार हैं :

प्रारंभिक बाल्या्वस्थां देखभाल और शिक्षा (ई.सी.सी.ई.)
  • आधारिक ई.सी.ई. अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए आदर्श सामग्रियाँ विकसित करना;
  • विद्यालय पूर्व शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य इच्छुलक वर्गों के लिए स्रोत सामग्री का विकास;
  • ई.सी.सी.ई. के क्षेत्र में आवश्य्कता आधारित अनुसंधान अध्ययनों का संचालन करना;
  • ई.सी.सी.ई. के क्षेत्र में राज्योंु का क्षमता निर्माण करना और राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषदों और डाइट का सशक्तीदकरण करना। प्रत्ये क वर्ष प्रारंभिक बाल्यांवस्थाक देखभाल और शिक्षा में छ: माह का डिप्लोनमा संचालित किया जाता है।
  • ई.सी.सी.ई. कार्यक्रमों की योजना, कार्यान्वियन और अनुवीक्षण में राज्यों के मुख्या पदधारियों हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन करना और बच्चोंा, शिक्षकों, शिक्षक प्रशिक्षकों एवं अभिभावकों हेतु आवश्यीक सामग्री का विकास करना;
  • प्रारंभिक बाल्या.वस्थाय देखभाल और शिक्षा का प्रसार करना। सरकार द्वारा चलाए जा रहे विद्यालय पूर्व केंद्रों, आँगनवाडि़यों और ई.सी.सी.ई. के क्षेत्र में कार्यरत निजी संस्था नों में बाल मीडिया प्रयोगशाला (ई.सी.सी.ई.- सी.एम.एल.) किट उपलब्धद करवाना।
  • प्रारंभिक बाल्या.वस्थाय शिक्षा के उभरते हुए मुद्दों और प्रमुख क्षेत्रों पर संगोष्ठियाँ और सम्मे लन संचालित करना और
  • विद्यालय पूर्व शिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थापनों को स्रोत समर्थन उपलबध करवाना।


प्रारंभिक साक्षरता कार्यक्रम
  • देश के नीति निर्माताओं और पाठ्यचर्या अभिकल्पककों का प्रारंभिक वर्षों में पठन पर शिक्षाशास्त्रब की ओर ध्यािन आकृष्टम करना ;
  • उत्तर प्रदेश एवं अन्यय राज्योंा में अग्रगामी परियोजना को समर्थन देने हेतु विविध बाल साहित्य का संग्रह एवं अन्यण स्रोत सामग्री को उपलब्ध करवाना;
  • शिक्षकों की पठन एवं लेखन के बारे में समझ विकसित करने में सहायता करना; और
  • प्रगति का अनुवीक्षण करना तथा शिक्षकों एवं अन्यर पदधारियों को सहयोग उपलब्धश करवाना।

प्रारंभिक शिक्षा
  • प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित प्राथमिकता क्षेत्रों में अनुसंधानिक अध्यंयनों का, विशेषतया प्रारंभिक शिक्षा की गुणवत्ता् में सुधार से संबंधित मुद्दों पर, संचालन करना;
  • सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत प्रारंभिक शिक्षा के गुणात्ममक सुधार हेतु राज्योंउ द्वारा कार्यान्वित विभिन्नग गुणता पहलों (Quality Initiatives ) का कार्यक्रम मूल्यां कन करना;
  • बच्चोंy हेतु विषयवार पाठ्यक्रम एवं पाठ्यचर्या सामग्री और कक्षा I से V तक के शिक्षकों हेतु सहायक सामग्री तैयार करने के लिए दिशा-निर्देशों का विकास करना;
  • शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, के सन्दमर्भ में केंद्र सरकार एवं (विधान मण्डकल रहित) संघ राज्यस क्षेत्रों के स्वा्मित्वग, नियंत्रण एवं प्रबंधन के अधीन विद्यालयों के संबंध में पाठ्यचर्या और मूल्यां कन प्रक्रिया हेतु दिशा-निर्देश विकसित करना;
  • प्राथमिक स्तबर पर विभिन्नो पाठ्यचर्या क्षेत्रों हेतु प्राथमिक स्त्र पर आकलन के लिए स्रोत पुस्ततकों का प्रचार करना;
  • प्राथमिक स्तषर के लिए एन.सी.एफ. - 2005 पर आधारित पाठ्यक्रम और पाठ्य सामग्रियों के कार्यान्वकयन हेतु राज्यों /संघ राज्य् क्षेत्रों में मुख्य पदधारियों का क्षमता निर्माण;
  • सर्व शिक्षा अभियान (एस.एस.ए.) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत कार्यकलापों के नियोजन, कार्यान्वशयन, अनुवीक्षण और मूल्यां कन (विशेषतया वे गतिविधियाँ जो कि शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने से संबंधित हैं), के संबंध में अकादमिक समर्थन उपलब्धक करवाना;
  • विभिन्न कार्यक्रमों के माध्याम से शिक्षा का अधिकार, प्रारंभिक बाल्यिवस्थाव देखभाल और शिक्षा (ई.सी.सी.ई.) तथा प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित मुद्दों पर जागरूकता का विकास और समुदायों को सुग्राही बनाना।
  • प्रारंभिक शिक्षा में महत्वंपूर्ण विषयों और मुख्यु क्षेत्रों पर संगोष्ठियाँ, सम्मेालन और परामर्शी बैठकें आयोजित करना; और
  • शैक्षिक पत्रिकाओं और राष्ट्री य प्रलेखन एकक के माध्योम से ई.सी.सी.ई. और प्रारंभिक शिक्षा में नवाचारी/संगत सामग्री का प्रलेखन एवं प्रसार।

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन के लिए प्रतिमान सामग्री (प्राथमिक स्तर पर )