प्रभाग की भूमिका एवं प्रकार्य :

एन.सी.ई.आर.टी. विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों (सी.ई.पी) के लिए एक कार्यान्व्यन एजेंसी का कार्य करती है। इस संबंध में एन.सी.ई.आर.टी. का अंतर्राष्ट्रीय संबंध प्रभाग विभिन्नि क्रियाकलापों का समन्वयन करता है। ये क्रि निम्नवत हैं :

  • अन्य देशों और अंतर्राष्ट्रीय ऐजेंसियों की विद्यालयी शिक्षा प्रणाली, पाठ्यचर्या और शिक्षण सामग्री के बारे में सूचना का आदान-प्रदान।
  • युनेस्को, यूनिसेफ, यूएनडीपी, सीओएल इत्या्दि द्वारा प्रायोजित या समर्थित कार्यकलापों को करने के अतिरिक्त् यह विदेशी प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, शिक्षकों और शिक्षक-प्रशिक्षकों के लिए विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करता है।
  • यह विद्यालयी और शिक्षक/शिक्षिका शिक्षा के क्षेत्र में विदेशी नागरिकों हेतु सेवाकालीन अल्पाशवधि प्रशिक्षण कार्यक्रम करता है।
  • यह प्रभाग संकाय सदस्यों को यूनेस्को , यूनिसेफ, यूएनडीपी इत्यादि के तत्वाधान के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ, बैठकों, परिसंवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रायोजित करता है।
  • यह प्रभाग यूनेस्कों के कार्यक्रम “एशिया – पैसिफिक प्रोग्राम ऑफ एजुकेशनल इनोवेशन फौर ड़ेवलपमैंट (ए.पी.ई.आई.ड़ी.) के राष्ट्रीय विकास समूह के सचिवालय के रूप में प्रकार्य करता है। एन.सी.ई.आर.टी. ,ए.पी.ई.आई.डी. का एक सहयोगी केंद्र है। एक सहयोगी केंद्र के रूप में एन.सी.ई.आर.टी. के इस से संबंधित कार्यों में अन्य सहयोगी केंद्रों के साथ नवाचार अनुभवों की भागीदारी सम्मिलित है।

प्रभाग के मुख्य् कार्य सामग्री एवं विशिष्ट विशेषज्ञता विशेषज्ञता कार्मिकों के आदान-प्रदान के माध्यम से बाहरी देशों से सहयोग के विकास से संबंधित है। इसके अतिरिक्ता यह उनको विद्यालयी और शिक्षक/शिक्षिका शिक्षा के विभिन्न आयामों में क्षमता विकास में सहायता के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करता है। भारत और विभिन्नक देशों के बीच समझौता ज्ञापन (मेमोरेण्ड़म ऑफ अंड‌रस्टैंड़िंग) शैक्षिक आदान-प्रदान और सांस्कृलतिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश प्रदान करते हैं। उपर्युक्त कार्यों के अतिरिक्त प्रभाग में संकाय सदस्य अपने विशेषज्ञ क्षेत्र में कार्य करते हैं।